जी. एस. टी।'आई. टी. सी. खरीदारक लेल तभी उपलब्ध अछि जखन आपूर्तिकर्ता करक भुगतान करैत अछि', उच्चतम न्यायालय सी. जी. एस. टी. अधिनियमक धारा 16 (2) (सी) क वैधताक समर्थन कयलक।
ई मामला कोना अछि?
मामला केन्द्रीय वस्तु आ सेवा कर अधिनियम, 2017क धारा 16 (2) (सी) के संवैधानिक चुनौतीसँ संबंधित अछि, जे खरीदारकेँ इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) सँ इनकार करैत अछि यदि आपूर्तिकर्ता सरकारकेँ करक भुगतान नहि कयने अछि। याचिकाकर्ता सभक तर्क अछि जे ई प्रावधान मनमाना अछि आ संवैधानिक अधिकारक उल्लंघन करैत अछि।
ई कोना चिन्ता करैत अछि?
याचिकाकर्ता-मारुति एंटरप्राइज अपन अधिकृत भागीदार जिग्नेशभाई भारतभाई तारपारा के माध्यम सँ; उत्तरदाताः भारत संघ आ अन्य; पीठः माननीय न्यायमूर्ति ए. एस. सुपेहिया आ माननीय न्यायमूर्ति प्रणव त्रिवेदी
अदालत की आदेश देलक?
- न्यायालय सी. जी. एस. टी. अधिनियमक धारा 16 (2) (सी) क वैधता बरकरार रखलक।
- न्यायालय निर्णय देलक जे ई प्रावधान मनमाना नहि अछि आ भारतक संविधानक अनुच्छेद 14,19 (1) (जी), 265, आ 300ए के उल्लंघन नहि करैत अछि।
- न्यायालय स्पष्ट कयलक जे लेनदेनक प्रामाणिकता धारा 16 (2) क खंड (ए), (एए), (बी), आ (बी) द्वारा सुरक्षित अछि, आ खंड (सी) मात्र ई बतबैत अछि जे आपूर्तिकर्ता सरकारकेँ करक भुगतान कयने अछि कि नहि।
| स्रोत निकाय | भारतक सर्वोच्च न्यायालय-आदेश आ निर्णयसभ |
| संदर्भ संख्या | — |
| स्थिति | बन्द भऽ गेल। (खण्डः आदेश) |
| वर्ष। | 2026 |
| बन्द करबाक तिथि | — |
| दस्तावेजसभ | 1 |
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