संसद संसद प्रश्न आ उत्तर
झारखंड एफ. टी. एस. सी. योजनासँ बाहर भऽ गेल, राज्यमे 0 टा कार्यशील न्यायालय छोड़ि देल गेल।
प्रश्नमे विधि आ न्याय मंत्रालयसँ फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय (एफ. टी. एस. सी.) आ विशेष पॉक्सो न्यायालयक संख्या, मामिलाक आँकड़ा, जारी कयल गेल धन, आ निपटान दरमे सुधार आ समाधान हेतु कयल गेल उपायक विवरण प्रदान करबाक लेल कहल गेल।
प्रश्नमे विधि आ न्याय मंत्रालयसँ फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय (एफ. टी. एस. सी.) आ विशेष पॉक्सो न्यायालयक संख्या, मामिलाक आँकड़ा, जारी कयल गेल धन आ निपटान दरमे सुधार आ रिक्तिकेँ संबोधित करबाक लेल कयल गेल उपायक विवरण प्रदान करबाक लेल कहल गेल। विधि आ न्याय मंत्रालय आधिकारिक उत्तर प्रदान कयलक।
पूछल आ उत्तर देल गेलः प्रश्नकर्ताः श्री राजकुमार चाहर आ श्री जनार्दन मिश्रा; उत्तर देलनिः श्री अर्जुन राम मेघवाल, विधि आ न्याय मंत्रालयक राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)।
सरकार की कहलनि?
- 30.04.2026. क अनुसार, 29 राज्य/केंद्र शासित प्रदेशसभमे 775 एफ. टी. एस. सी. (398 विशेष पॉक्सो न्यायालय सहित) कार्यरत छल।
- अक्टूबर 2019 मे शुरू भेल एफ. टी. एस. सी. योजनाकेँ अस्थायी रूपसँ 30 सितंबर 2026 धरि बढ़ा देल गेल अछि।
- 2025 मे, 1,43,936 मामला दर्ज कयल गेल, 66,500 के निपटान कयल गेल, आ 2,45,579 31 दिसंबर 2025 तक लंबित छल।
- एफ. टी. एस. सी. योजना के स्थापना के बाद सँ राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के कुल ₹1 करोड़ जारी कैल गेल अछि।
- प्रति न्यायालय एक न्यायिक अधिकारी आ 7 सहायक कर्मचारीक वेतनक संग-संग एक फ्लेक्सी अनुदानकेँ शामिल करबाक लेल निधि 60:40 या 90:10 केंद्र-राज्य साझाकरण पद्धति पर जारी कयल जाइत अछि।
- न्यायाधीश आ कर्मचारीक भर्ती राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश सरकार आ उच्च न्यायालयक जिम्मेदारी अछि, केन्द्र सरकारक नहि।
- बुनियादी ढाँचाक विकास मुख्य रूपसँ राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश सरकारसभक जिम्मेदारी अछि, यद्यपि केन्द्र केन्द्र प्रायोजित योजना (₹4, 519.47 करोड़ जे XV वित्त आयोग चक्रक दौरान प्रदान कयल गेल छल) क माध्यमसँ वित्तीय सहायता प्रदान करैत अछि।
दस्तावेजमे सेहो
- उत्तरमे कहल गेल अछि जे झारखंड एफ. टी. एस. सी. योजनासँ बाहर निकलबाक फैसला 07.07.2025 क एकटा पत्रक माध्यमसँ कयलक अछि, जकर परिणामस्वरूप ओहि राज्यमे 0टा कार्यशील अदालतसभ बनल अछि।
- उत्तर स्पष्ट करैत अछि जे न्यायिक अधिकारीसभक खाली पदकेँ भरिबा आ आधारभूत संरचनाक विकास राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश सरकारक संवैधानिक जिम्मेदारी अछि, केन्द्र सरकारक नहि, यद्यपि केन्द्र आधारभूत संरचनाक लेल वित्तीय सहायता प्रदान करैत अछि।
- 2025क आँकड़ा 2024 (88,902) क तुलनामे पंजीकृत मामिलामे (1,43,936) उल्लेखनीय वृद्धि देखबैत अछि, जखन कि निपटायल गेल मामिलाक संख्यामे कमी आयल (2025मे 66,500 बनाम 2024मे 85,595)।
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मूल दस्तावेज
भारतीय संसद-प्रश्न आ उत्तर (लोकसभा, तारांकित)
सरकारकेँ प्रश्न · संदर्भ लोक सभा प्रश्न 100 (सत्र 8) · 24 जुलाई 2026
एकरा एतऽ पढ़ू।
चर्चा।
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