संसद संसद प्रश्न आ उत्तर
एन. सी. ए. पी. क अन्तर्गत ₹16, 423.56 करोड़ जारी कयल गेल 2019-20 सँ 2025-26 धरि।
प्रश्न पर्यावरण, वन आ जलवायु परिवर्तन मंत्रालयसँ प्रदूषण नियंत्रण, नदी कायाकल्प, आ पर्यावरण शासनक लेल कयल गेल उपायसभक विस्तृत विवरण पूछलक, जाहिमे वायुक गुणवत्ता, आर्द्रभूमि, आ जलवायु परिवर्तन पर विशिष्ट प्रगति सम्मिलित अछि।
₹16, 423.56 करोड़राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एन. सी. ए. पी.) क अन्तर्गत वित्त वर्ष 2019-20 सँ 2025-26 धरि ₹16, 423.56 करोड़ जारी कयल गेल।
एहि प्रश्नमे पर्यावरण, वन आ जलवायु परिवर्तन मंत्रालयसँ प्रदूषण नियंत्रण, नदी कायाकल्प, आ पर्यावरण शासनक लेल कयल गेल उपायसभक विस्तृत जानकारी मांगी गेल जाहिमे वायुक गुणवत्ता, आर्द्रभूमि आ उत्तर प्रदेशमे प्रदूषित नदीक स्थिति पर विशिष्ट प्रगति शामिल अछि।
पूछल आ उत्तर देल गेलः श्री जगदम्बिका पाल आ श्री प्रताप चन्द्र सारंगी द्वारा पूछल गेल; पर्यावरण, वन आ जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव) द्वारा उत्तर देल गेल।
सरकार की कहलनि?
- राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एन. सी. ए. पी.) क अन्तर्गत वित्त वर्ष 2019-20 सँ 2025-26 धरि ₹16, 423.56 करोड़ जारी कयल गेल।
- 130 एन. सी. ए. पी. शहर मे सँ 108 शहर मे वार्षिक पी. एम. 10 सांद्रतामे 2017-18 क तुलना मे 2025-26 मे कमी दर्ज कैल गेल।
- वित्तीय वर्ष में 14 शहर राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानक के पूरा केलक 2025-26, 2017-18 के 6 शहर सँ ऊपर।
- नमामि गंगे कार्यक्रमक अन्तर्गत 527 परियोजनाक लेल 43,326 करोड़ रुपये स्वीकृत कयल गेल।
- राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना (एन. आर. सी. पी.) क अन्तर्गत 100 शहरमे 58 नदी लेल 8,975 करोड़ रुपये स्वीकृत कयल गेल।
- राष्ट्रीय जलीय पारिस्थितिकी तंत्र संरक्षण योजना (एन. पी. सी. ए.) क अन्तर्गत आर्द्रभूमि संरक्षणक लेल ₹1 करोड़ जारी कयल गेल अछि।
- नगर वन योजना के तहत 652 परियोजना के लेल ₹ 699.33 करोड़ स्वीकृत कैल गेल।
- मिष्टी कार्यक्रमक अन्तर्गत 9,536 हेक्टेयर अवक्रमित मैंग्रोव क्षेत्रक जीर्णोद्धार लेल ₹1 करोड़ जारी कयल गेल।
- फरवरी 2022 मे ई. पी. आर. नियम लागू भेलाक बादसँ लाख मीट्रिक टन प्लास्टिक पैकेजिंग अपशिष्टकेँ पुनर्नवीनीकरण कयल गेल अछि।
- परिवेश पोर्टलक माध्यमसँ केन्द्रीय स्तरक पर्यावरण मंजूरी लेल औसत समय 2014मे ~ 600 दिनसँ घटिकऽ वित्त वर्ष 2025-26 मे ~ 57 दिन भऽ गेल।
- देशमे प्रदूषित नदी विस्तार (पी. आर. एस.) 2018मे 351सँ घटकर 2025मे 296 रहि गेल।
- 2025मे उत्तर प्रदेशमे गंगाक अतिरिक्त 13 टा नदी पर 14 टा प्रदूषित नदीक पहिचान कयल गेल।
दस्तावेजमे सेहो
- उत्तरमे कहल गेल अछि जे राज्य सरकारक खान आ भूविज्ञान विभाग अवैध खननकेँ रोकब सहित खनन गतिविधिकेँ विनियमित आ लागू करबाक लेल नोडल प्राधिकरण अछि।
- उत्तरमे उल्लेख अछि जे प्रदूषण नियंत्रणसँ सम्बन्धित मामिलाक समाधान सम्बन्धित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा कयल जाइत अछि।
- प्रश्नमे उल्लिखित विशिष्ट नदी'सुखनाई'उत्तर प्रदेशक प्रदूषित नदीक खण्डक प्रदत्त अनुलग्नक-1मे सूचीबद्ध नहि अछि, जाहिमे 14 अन्य खण्ड सूचीबद्ध अछि।
ई कोना लिखल गेल छल?
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मूल दस्तावेज
भारतीय संसद-प्रश्न आ उत्तर (लोकसभा, तारांकित)
सरकारकेँ प्रश्न · संदर्भ लोक सभा प्रश्न 105 (सत्र 8) · 27 जुलाई 2026
एकरा एतऽ पढ़ू।
चर्चा।
एहि दस्तावेज पर एखन धरि कोनो चर्चा नहि भेल अछि।