Sunday, 8 November 2026 कौन ज़िम्मेदार?
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लेखापरीक्षा नियंत्रक आ महालेखा परीक्षक

कैगकेँ लागल जे राष्ट्रीय बायोफार्मा मिशन बेसी सिफारिशसभकेँ लागू करबामे विफल रहल अछि।

ई लेखापरीक्षा वित्तीय वर्षक लेल भारत सरकारक सातटा वैज्ञानिक आ पर्यावरण मंत्रालय/विभाग, ओकर स्वायत्त निकाय आ केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्रक उद्यमक सङ्ग लेनदेनक अनुपालनक जाँच कयलक।

ई लेखापरीक्षा मार्च 2023मे समाप्त होइत वित्तीय वर्षक लेल भारत सरकारक सातटा वैज्ञानिक आ पर्यावरण मंत्रालय/विभाग, ओकर स्वायत्त निकाय आ केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्रक उद्यमसभक सङ्ग लेनदेनक अनुपालनक जाँच कयलक।

ई कोना चिन्ता करैत अछिः सातटा वैज्ञानिक आ पर्यावरण मंत्रालय/विभाग (अन्तरिक्ष विभाग, जैव प्रौद्योगिकी विभाग, वैज्ञानिक आ औद्योगिक अनुसंधान विभाग, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, पर्यावरण, वन आ जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, विज्ञान आ प्रौद्योगिकी विभाग, आ परमाणु ऊर्जा विभाग सहित) आ ओकरासँ सम्बद्ध स्वायत्त निकाय आ सीपीएसई।

लेखापरीक्षककेँ की भेटल?

  • अनुदान-सहायता समझौता (राष्ट्रीय जैव-औषधि मिशन) मे निर्धारित समय-सीमा के पालन के बिना 5.46 करोड़ रुपये के अनुदान जारी कैल गेल।
  • केन्द्रीय खनन आ ईंधन अनुसंधान संस्थानमे अपूर्ण उद्देश्यक कारण पाँच सालसँ बेसी समय धरि ₹1.43 करोड़ खर्च नहि भेल।
  • एकटा पनडुब्बी प्रोटोटाइप पर ₹0.78 करोड़ अनुत्पादक खर्च जे कहियो प्रदर्शित नहि भेल छल (सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑफशोर इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी)।
  • वर्षा जल संचयन आ अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण सुविधा (सी. एस. आई. आर.-एन. पी. एल.) के स्थापना नहि होयबाक कारण ₹1.14 करोड़ अतिरिक्त जल शुल्कक भुगतान कयल गेल।
  • बिना अनुमतिक जमीन पर अनधिकृत कब्जा करबाक लेल ₹158 करोड़ जुर्माना (भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केन्द्र)।
  • एम. ओ. ए./अनुबंध व्याख्याक अभावक कारण नांदेड़ हवाई अड्डा/आई. आर. बी. नांदेड़ हवाई अड्डा सँ ₹ 7.28 करोड़ मौसम संबंधी/कानूनी शुल्कक वसूली नहि भेल।
  • अनुचित अनुबंध मांग मूल्यांकन (वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी) क कारण ₹0.73 करोड़ अतिरिक्त भुगतान भेल।
  • चालू करबामे देरी (बोस संस्थान) क कारण ₹0.66 करोड़ स्वच्छ कक्ष सुविधा पाँच सालसँ बेसी समय धरि अप्रयुक्त रहल।
  • 2013 आ 2017क बीच एन. पी. सी. आई. एल./बी. एच. ई. एल. क कर्मचारीकेँ ₹8.92 करोड़ अनधिकृत अतिरिक्त वेतनवृद्धि देल गेल।
  • मद्रास इकाई, चेयानीमे उचित प्रीमियम भुगतानक अभावक कारण क्षतिग्रस्त उपकरणक लेल ₹ 0.56 करोड़ बीमा दावा खारिज कऽ देल गेल।

दस्तावेजमे सेहो

  • कैगकेँ पता चलल जे राष्ट्रीय बायोफार्मा मिशन अपन मिशन संचालन समितीक अधिकांश सिफारिशसभकेँ लागू करबामे विफल रहल, जाहिसँ परियोजना चयनमे विलम्ब आ सीमित भेल।
  • कैग रिपोर्ट कयलक जे भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूएल) कैगकेँ आश्वासन देबाक सात साल बाद कोनो सर्वेक्षण योजना तैयार नहि केलक, जकर परिणामस्वरूप पिछले पाँच वर्षक 77 प्रतिशत नमूना अज्ञात रहि गेल आ प्रजाति संरक्षणक लेल बुनियादी अवसंरचनाक कमी भऽ गेल।
  • कैग नोट कयलक जे भारी जल बोर्डमे एकीकृत सूचना प्रणाली (आई. आई. एस.) समूह बी मॉड्यूलक उपयोग सितम्बर 2023 धरि नहि कयल गेल छल, एकर चालू तिथि के दू साल बाद, जे प्रणाली के मुख्य उद्देश्य के प्राप्त करै मे विफलता के संकेत दैत अछि।

ई कोना लिखल गेल छल?

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ओ जाँच तुलना करैत अछि। संख्यासभ मात्र। ई एहि बातक पुष्टि नहि कऽ सकैत अछि जे दस्तावेज जे कहैत अछि ओ शब्द कहल जाइत अछि-तेँ मूल दस्तावेज हमेशा प्राधिकरण होइत अछि।

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मूल दस्तावेज

भारतक नियंत्रक आ महालेखा परीक्षक (कैग)-लेखापरीक्षा रिपोर्ट

लेखापरीक्षा रिपोर्ट

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