दिल्ली किराया अधिनियम, 1995 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली लेकिन इसे कभी लागू नहीं किया गया
यह विधेयक दिल्ली किराया अधिनियम, 1995 को निरस्त करता है, जिसे संसद द्वारा पारित किया गया था लेकिन कभी लागू नहीं किया गया था। निरसन का उद्देश्य सार्वजनिक चर्चा के लिए एक नए मसौदा विधेयक को तैयार करने की अनुमति देना है।
यह विधेयक दिल्ली किराया अधिनियम, 1995 की कानूनी स्थिति को प्रभावित करता है। यह सीधे विशिष्ट व्यक्तियों या व्यवसायों पर नए नियम लागू नहीं करता है, क्योंकि यह केवल उस कानून को हटा देता है जो प्रभावी नहीं था।
- दिल्ली किराया अधिनियम, 1995 (1995 का अधिनियम 33) का निरसन।
ए. आई. द्वारा दस्तावेज़ से लिखा गया, और इसके खिलाफ जाँच की गई। नीचे मूल आधिकारिक है।
यह कानून अब कहाँ है - पेश किया गया
मूल दस्तावेज़
दस्तावेज़ का विवरण
| आधिकारिक शीर्षक | द दिल्ली रेंट (रिपील) बिल, 2013 |
| स्रोत निकाय | भारत की संसद-विधेयक (लोकसभा और राज्यसभा) |
| संदर्भ संख्या | LIX |
| स्थिति | सक्रिय (बिल) |
| वर्ष | 2013 |
| समापन तिथि | — |
| दस्तावेज़ | 1 |