भारत की परियोजनाओं के लिए निवेश गारंटी जारी करेगा अमेरिका, भारत पर कोई दायित्व नहीं
यह भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच एक पूरक समझौता है जो भारत में निवेश करने वाले निजी उद्यमों के लिए अमेरिकी निवेश गारंटी के दायरे का विस्तार करता है। यह अमेरिकी सरकार को भारत में आर्थिक विकास को सुविधाजनक बनाने के लिए अमेरिकी कानून द्वारा अधिकृत अतिरिक्त प्रकार की गारंटी जारी करने की अनुमति देता है।
इस समझौते में भारत सरकार (विशेष रूप से आर्थिक मामलों का विभाग, वित्त मंत्रालय) और संयुक्त राज्य अमेरिका की सरकार शामिल हैं। यह भारत सरकार द्वारा अनुमोदित परियोजनाओं में निवेश करने वाले निजी उद्यमों और अमेरिकी नागरिकों को प्रभावित करता है।
- अमेरिकी सरकार भारत में उचित निवेश के लिए लागू अमेरिकी कानून द्वारा अधिकृत कवरेज प्रदान करने वाली निवेश गारंटी जारी करेगी।
- विस्तारित जोखिम गारंटी पर अमेरिका द्वारा किए गए भुगतान के लिए भारत सरकार के खिलाफ प्रतिपूर्ति का कोई दावा नहीं किया जाएगा।
- अंतर-सरकारी बातचीत और मध्यस्थता प्रक्रियाएं केवल सार्वजनिक अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत दायित्व से जुड़े भारत सरकार के कार्यों के कारण होने वाले नुकसान के लिए अतिरिक्त गारंटी पर लागू होती हैं।
- 1957 के नोटों के आदान-प्रदान के पैराग्राफ 3 का सिद्धांत मुआवजे के बदले में अमेरिका को हस्तांतरित संपत्ति या वाणिज्यिक दावों पर लागू होता है।
- 1957 और 1959 के समझौतों में शामिल जोखिमों के संबंध में दोनों सरकारों के दायित्व अपरिवर्तित हैं।
- गारंटी के अतिरिक्त रूपों के संबंध में भारत सरकार के किसी अन्य दायित्व की आवश्यकता नहीं है।
ए. आई. द्वारा दस्तावेज़ से लिखा गया, और इसके खिलाफ जाँच की गई। नीचे मूल आधिकारिक है।
मूल दस्तावेज़
दस्तावेज़ का विवरण
| आधिकारिक शीर्षक | निवेश गारंटी पर 19/09/1957 का पूरक समझौता |
| स्रोत निकाय | विदेश मंत्रालय-द्वीपक्षीय और व्यापार दस्तावेज |
| संदर्भ संख्या | 6040 |
| स्थिति | बंद कर दिया (समझौता) |
| वर्ष | 1966 |
| समापन तिथि | 02 फरवरी, 1966 |
| दस्तावेज़ | 1 |