पेशिसाइड प्रबंधन विधेयक, 2020
यह कानून क्या करता है?
यह कानून कीटनाशकों को विनियमित करता है, जिसमें उनके निर्माण, आयात, पैकेजिंग, लेबलिंग, मूल्य निर्धारण, भंडारण, विज्ञापन, बिक्री, परिवहन, वितरण, उपयोग और निपटान शामिल हैं, ताकि मनुष्यों, जानवरों, पर्यावरण के लिए जोखिम को कम करते हुए सुरक्षित और प्रभावी कीटनाशक सुनिश्चित किए जा सकें और पारंपरिक ज्ञान के आधार पर जैविक कीटनाशकों को बढ़ावा दिया जा सके।
यह किसे प्रभावित करता है?
यह कानून कीटनाशक उद्योग में शामिल व्यक्तियों, कंपनियों और संगठनों पर लागू होता है, जिसमें निर्माता, आयातक, विक्रेता, वितरक और कीटनाशकों के उपयोगकर्ता शामिल हैं।
प्रमुख प्रावधान
- केंद्रीय कीटनाशक बोर्ड और पंजीकरण समिति कीटनाशक विनियमन की देखरेख करेगी
- बिक्री या उपयोग से पहले कीटनाशकों के पंजीकरण की आवश्यकता
- कीटनाशक से संबंधित गतिविधियों के लिए अनुज्ञप्ति आवश्यकताएँ
- पंजीकरण, लाइसेंस और अपंजीकृत या प्रतिबंधित कीटनाशकों के उपयोग के उल्लंघन के लिए दंड
- जनहित में कीटनाशकों की निगरानी और निषेध के प्रावधान
- केंद्रीय कीटनाशक प्रयोगशाला और कीटनाशक परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना
| स्रोत निकाय | भारत की संसद-विधेयक (लोकसभा और राज्यसभा) |
| संदर्भ संख्या | XXII |
| स्थिति | सक्रिय (खंडः बिल) |
| वर्ष | 2020 |
| समापन तिथि | — |
| दस्तावेज़ | 1 |
पूछने लायक मुख्य बातें और बिंदु
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