संविधान (एक सौ और तीन संशोधन) विधेयक, 2025
यह कानून क्या करता है?
इस कानून के तहत प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों सहित मंत्रियों को इस्तीफा देने या पद से हटाने की आवश्यकता होगी यदि उन्हें गिरफ्तार किया जाता है और पांच साल या उससे अधिक की जेल की सजा वाले गंभीर आपराधिक अपराधों के आरोप में लगातार 30 दिनों तक हिरासत में रखा जाता है।
यह किसे प्रभावित करता है?
केंद्रीय मंत्रिपरिषद, राज्य मंत्रिपरिषद और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के मंत्री; विशेष रूप से, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और अन्य मंत्री।
प्रमुख प्रावधान
- गंभीर आपराधिक आरोपों में लगातार 30 दिनों तक गिरफ्तार और हिरासत में रखे गए मंत्रियों को राष्ट्रपति या राज्यपाल द्वारा प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री की सलाह पर 31 दिनों के भीतर हटा दिया जाना चाहिए।
- यदि प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री को गिरफ्तार किया जाता है और 30 दिनों के लिए हिरासत में रखा जाता है, तो उन्हें 31 दिनों के भीतर इस्तीफा दे देना चाहिए या पद पर रहना बंद कर देना चाहिए।
- हटाने या इस्तीफे से हिरासत से रिहा होने पर भविष्य में नियुक्ति नहीं हो सकती है।
ध्यान देने योग्य बिंदु
- यह एक संवैधानिक संशोधन है।
- यह किसी भी मौजूदा कानून को निरस्त नहीं करता है; यह संविधान के अनुच्छेद 75,164 और 239 एए में संशोधन करता है।
| स्रोत निकाय | भारत की संसद-विधेयक (लोकसभा और राज्यसभा) |
| संदर्भ संख्या | 111 |
| स्थिति | सक्रिय (खंडः बिल) |
| वर्ष | 2025 |
| समापन तिथि | — |
| दस्तावेज़ | 1 |
पूछने लायक मुख्य बातें और बिंदु
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दस्तावेज़
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