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SANSAD बिल/कानून
सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026
यह कानून अभी कहाँ है
परिचय कराया गया
सादा-भाषा सारांश (ए. आई.-उत्पन्न) - जल्दी से पढ़ें ताकि आपको पूरी पी. डी. एफ. न खोलनी पड़े। इसमें त्रुटियाँ हो सकती हैं; नीचे दिया गया मूल दस्तावेज़ आधिकारिक है।
यह कानून क्या करता है?
यह कानून भारत के सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या को 33 से बढ़ाकर 37 (मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर) कर देता है ताकि मामलों के बढ़ते बैकलॉग को दूर किया जा सके।
यह किसे प्रभावित करता है?
भारत का सर्वोच्च न्यायालय और उसके न्यायाधीश
प्रमुख प्रावधान
- न्यायाधीशों की अधिकतम संख्या 33 से बढ़ाकर 37 कर दी गई (मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर)
- उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन अध्यादेश, 2026 को निरस्त करता है
- संबंधित लागतों के साथ चार अतिरिक्त न्यायाधीश पद बनाएँ
ध्यान देने योग्य बिंदु
- यह कोई संवैधानिक संशोधन नहीं है।
- यह कानून मौजूदा अध्यादेश की जगह लेता है।
- यह परिवर्तन 16 मई, 2026 से प्रभावी होगा।
- कानून में चार अतिरिक्त न्यायाधीशों के लिए बढ़ी हुई लागत के बारे में वित्तीय विवरण शामिल हैं।
| स्रोत निकाय | भारत की संसद-विधेयक (लोकसभा और राज्यसभा) |
| संदर्भ संख्या | 128 |
| स्थिति | सक्रिय (खंडः बिल) |
| वर्ष | 2026 |
| समापन तिथि | — |
| दस्तावेज़ | 1 |
पूछने लायक मुख्य बातें और बिंदु
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दस्तावेज़
मूल सरकारी पी. डी. एफ. आधिकारिक स्रोत है-नीचे दिखाया गया है, या इसे एक नए टैब में पूर्ण-स्क्रीन खोलें।
बिल पेश किया गया (_ m)
2026-07-20
THE-SUPREME-COURT-NUMBER-OF-JUDGES-AMENDMENT-BILL-2026-bill_introduced.pdf
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